दल दल दल दल और कमल ...
दल दल की दल दल मची ,
या कहिएगा कीचड़ ।
अच्छे, बुरे सभी आ गए हैं ,
योग्य, अयोग्य या लीचड़ ।।
अब दल दल में, कमल खिलेगा,
इसमें नहीं सन्देह ।
इसीलिए सब विश्व आज,
मोदी पर, लुटा रहा है नेह ।।
रोज़ देख रहे इस दुनिया को ,
जो बदल रही है प्रति पल ।
सत युग अब आने ही वाला ,
और खिलेगा कमल ।।
डॉ.ओ.पी.व्यास गुना म.प्र.
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